गाजियाबाद। मधी क्षेत्र राजपूत सभा गाजियाबाद द्वारा वसुंधरा सेक्टर एक स्थित एमिटी इंटरनेशनल स्कूल में अपना 21वां वार्षिक उत्सव मनाया। इस अवसर पर संस्था की प्रगति के विषय में अध्यक्ष ने जानकारी दी। प्रमुख वक्ताओं ने क्षत्रिय समाज को कुरीतियों छोड़ने और संगठित रहने का आह्वान किया। समारोह के मुख्य अतिथि व एमिटी एजुकेशन ग्रुप के संस्थापक डॉक्टर अशोक के चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि राजपूतों को कुरीतियां छोड़ देनी चाहिए और सबको मिल जुल करके रहना चाहिए, तभी हम आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने आपसी मतभेद छोड़ने तथा एक दूसरे का बढ़ाने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा 2047 में जब हमारा देश एक विकसित राष्ट्र बनेगा तभी उनकी संस्था विश्व की सबसे बड़ी संस्था दिखाई देगी। फिलहाल उनके 11 विश्वविद्यालय और 28 कॉलेज चल रहे हैं तथा 12वीं यूनिवर्सिटी की स्थापना जल्दी की जाने वाली है।उनका कहना था कि भगवान ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। हमें उसको कभी भूलना नहीं चाहिए ।
समारोह की अध्यक्षता डॉक्टर आनंद चौहान ने की। समारोह की शुरुआत महाराणा प्रताप के चित्र के सामने अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। तदुपरांत छात्राओं द्वारा गणेश वंदना की तथा सभी ने मिलकर गायत्री मंत्र का 5बार जाप किया। समारोह में 21 प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
प्रथम संबोधन में प्रेस क्लब साहिबाबाद के अध्यक्ष एसपी चौहान ने बच्चों को नशे से दूर रखने और उनको रोजगार परक शिक्षा दिलाने पर बल दिया। भाजपा नेता सुखविंदर सोम और प्रमोद सिसोदिया ने भी अपने विचार व्यक्त किये। एमपी सिंह ने श्रृंगार रस की कविता सुनाई। डा. हरपाल सिंह चौहान ने क्षत्राणियों के जोहर से संबंधित इतिहास पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार मदन चौहान ने संगठित होने और शिक्षित होने के साथ-साथ एक दूसरे से समन्वय बनाने पर जोर दिया। कवि मनोज कुमार ने ओज भरी कविताएं प्रस्तुत कीं।
संस्था के अध्यक्ष राम औतार सिंह महासचिव नरपाल सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ सौरभ राजपूत और कोषाध्यक्ष संजीव चौहान आदि ने अतिथियों का स्वागत किया। समारोह में श्रीमती सुनीता सिंह, नरेश चौहान (एसीपी), डॉक्टर हरपाल सिंह ,ठाकुर एमपी सिंह, राकेश चौहान, रोहताश सिंह चौहान, वीरेंद्र सिंह,हरि सिंह, प्रवेन्द्र सिंह शेखावत ,प्रमोद सिसोदिया, एसपी सिंह, शैलेंद्र सिंह चौहान, आदि ने भी समारोह में भाग लिया। कार्यक्रम के उपरांत सभी ने सहभोज किया।