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उत्तर प्रदेश

नववर्ष उत्सव और पथ संचलन के कार्यक्रम लगभग 125 बस्तियों में हुआ संपन्न

इंदिरापुरम। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हरनंदी महानगर में आज चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के उपलक्ष्य में नववर्ष उत्सव और पथ संचलन के कार्यक्रम लगभग 125 बस्तियों में संपन्न हुए।

आज नववर्ष के कार्यक्रमों के इस अवसर पर, स्वयंसेवकों ने संघ के संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार जी के जन्मदिवस पर आद्य सर संघचालक प्रणाम किया और वक्ताओं के उद्वोधन के पश्चात प्रार्थना कर पूर्ण गणवेश में अपनी-अपनी बस्तियों में पथ संचलन कर एकता और साहस का परिचय देते हुए कार्यक्रम सम्पन्न किये। इन कार्यक्रमों में स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और संघ के स्वयंसेवकों के साथ मिलकर नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।

वक्ताओं ने कार्यक्रम में बताया कि आज नव वर्ष की शुरुआत हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से होती है¹। यह दिन भगवान ब्रह्मा द्वारा सृष्टि की रचना का प्रथम दिवस माना जाता है। इस दिन को नव संवत्सर या वर्ष प्रतिपदा के नाम से भी जाना जाता है।

काल गणना भारत वर्ष में हिंदू पंचांग के अनुसार की जाती है, जिसमें चंद्रमा की कलाओं के आधार पर तिथियों का निर्धारण किया जाता है। नव वर्ष और वर्ष प्रतिपदा की गणना भी इसी पंचांग के अनुसार की जाती है।

वक्ताओं ने बताया कि यह नव वर्ष विभिन्न नामों से मनाया जाता है, जैसे कि गुड़ी पड़वा, युगादि, उगादि, चेटीचंड, चित्रैय तिरुविजा आदि। यह दिन वसंत ऋतु में आता है, जब प्रकृति अपने चरम पर होती है और सम्पूर्ण सृष्टि में सुन्दर छटा बिखर जाती है।

युग परिवर्तन की बेला में, हम सब मिलकर साथ चलें।
देश धर्म की रक्षा के हित, सहते सब आधार चलें।
मिलकर साथ चलें , मिलकर साथ चलें॥

इस पंक्ति की भांति ही अलग-अलग रेजीडेंन्ट वेल्फेयर ने भी अलग-अलग स्वरूप में वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए। जहां एटीएस में प्रातःकालीन मंगलमय वातावरण में सामूहिक भजन-कीर्तन के साथ प्रभात फेरी से शुभारंभ किये वहीं सायंकाल फेस 2 एंफीथिएटर संस्कृतिक कार्यक्रम (कल्चरल परफॉर्मेंस, रोचक और ज्ञानवर्धक पैनल डिस्कशन, सुंदर हिंदू नव वर्ष नाटिका)।

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