930 करोड़ के निवेश से 90 लाख विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाएगी योगी सरकार
-25 स्किलिंग व एजुकेशन पार्टनर्स के माध्यम से प्रदेश के छात्र-छात्राओं के कौशल में की जा रही वृद्धि
-20 हजार विद्यार्थियों का हुआ स्किल डेवलपमेंट, 30 हजार से ज्यादा की जारी है ट्रेनिंग प्रक्रिया
-3000 छात्र-छात्राओं को मिला गूगल क्लाउड व सर्विस नाउ जैसी दिग्गज कंपनियों में इंटर्नशिप का अवसर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से राज्य में शिक्षा व कौशल विकास के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है। निजी निवेश और साझेदारी, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और रोजगार के अवसरों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का विकास, इन सभी प्रयासों ने राज्य के युवाओं के भविष्य को उज्ज्वल बनाया है। मुख्यमंत्री का यह दृष्टिकोण न केवल राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मददगार साबित हो रहा है, बल्कि उत्तर प्रदेश को शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में एक आदर्श राज्य के रूप में उभरने में भी सहायक सिद्ध हो रहा है। उत्तर प्रदेश में शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में प्राइवेट प्लेयर्स के साथ पार्टनरशिप कर 930 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हुआ है, जिससे लगभग 90 लाख छात्रों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इन प्रयासों का नतीजा है कि प्रदेश के विद्यार्थियों को गूगल क्लाउड व सर्विस नाउ जैसी प्रख्यात कंपनियों में इंटर्नशिप का अवसर मिल रहा है। आइए जानते हैं योगी सरकार के उन प्रयासों के बारे में जो शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और कौशल विकास में गेम चेंजर साबित हो रहे हैं…
आईटीआई में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप ने बदले समीकरण
सीएम योगी के विजन अनुसार, राज्य के 107 आईटीआई में से 49 को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर निजी कंपनियों को सौंपा गया है, जिनमें से 38 संस्थान पहले से ही सक्रिय हैं। इस पहल के तहत, लगभग 20,000 विद्यार्थियों के कौशल विकास बढ़ाने का कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। वहीं, 30,000 से अधिक छात्र वर्तमान में प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसके अलावा, लगभग 3,000 छात्रों को गूगल क्लाउड, सर्विस नाउ जैसी प्रमुख कंपनियों में इंटर्नशिप के अवसर भी प्राप्त हुए हैं।
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पर फोकस, एनएएसी सर्टिफिकेशन पर जोर
सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया है। इसके तहत, उत्तर प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय (एकेटीयू) से संबद्ध 26 कॉलेजों ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) से मान्यता प्राप्त कर ली है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश भर में एनएएसी के विशेषज्ञों द्वारा 200 कॉलेजों को मान्यता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इस पहल का उद्देश्य है कि राज्य के शिक्षण संस्थानों का स्तर राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरे, जिससे छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा मिल सके। इस पहल से राज्य में विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग बढ़ाने का अवसर भी मिलेगा, जिससे छात्रों को वैश्विक शिक्षा का अनुभव प्राप्त होगा।
यू-राइज पोर्टल के जरिए 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने पर फोकस
सीएम योगी ने विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से “यू-राइज” पोर्टल पर प्लेसमेंट पोर्टल विकसित किया है। इस पोर्टल के माध्यम से छात्रों को कौशल विकास के साथ-साथ रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान हो सकेगी। स्किल एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म का बीटा परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और आईटीआई, यूपीएसडीएम, एसआरएलएम, पॉलिटेक्निक, सूडा, एससीए से एससीएसपी और एमएसएमई जैसे 8 विभागों के प्रशिक्षित छात्रों को इस पोर्टल पर जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से लगभग 10 लाख प्रशिक्षित छात्रों को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इस पोर्टल की खास बात यह है कि यह स्किल मित्र प्लेटफॉर्म के डाटा के साथ पूरी तरह से एकीकृत होगा, जिससे छात्रों की प्लेसमेंट प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित की जा सकेगी। इस पहल से उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की संभावना है और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी एक नया आयाम प्राप्त होगा।
इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड ऐप के जरिए 18,000 से अधिक कोर्सेस कराए जा रहे उपलब्ध
1 उत्तर प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना समेत विभिन्न कार्यक्रम प्रदेश में बड़े स्तर पर क्रियान्वित हैं।
2 इसी क्रम में, उत्तर प्रदेश सरकार ने इन्फोसिस के साथ पार्टनरशिप कर इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड ऐप का विकास किया है जिस पर टैब व स्मार्टफोन प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को लर्निंग कंटेंट उपलब्ध कराया जा रहा है और इनकी एंड टू एंड मॉनिटरिंग उपलब्ध कराया जा रहा है।
3 इस प्लैटफॉर्म के जरिए 18,000 से अधिक लर्निंग व रोजगारपरक कोर्सेस उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
4 इसी प्रकार, डिजी शक्ति पोर्टल व ऐप के माध्यम से भी लर्निंग, रोजगारपरक कंटेंट और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदेश के युवाओं को उपलब्ध करायी जा रही है।
5 उल्लेखनीय है कि सीएम योगी के विजन अनुसार, प्रदेश में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत वर्ष 2021 से 2023 के बीच 19.84 लाख टैब व 26.91 लाख स्मार्टफोन समेत कुल 46.75 लाख गैजेट वितरित किये जा चुके हैं।
6 वहीं, 13.14 लाख गैजेट (जिनमें 12.94 लाख स्मार्टफोन व 20 हजार से ज्यादा टैबलेट शामिल हैं) को पात्र विद्यार्थियों को आवंटित करने पर योगी सरकार का फोकस है।