मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ‘युवा उद्यमियों से संवाद’
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को सम्मान देकर किस तरह देश की एकता और आर्थिकी को प्रोत्साहित किया जा सकता है, यह महाकुम्भ के अवसर पर सहज ही अनुभव किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अयोध्या, काशी और प्रयागराज में जिस प्रकार श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है, उसने भारतीय संस्कृति को नई पहचान तो दी ही है, अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बूस्ट दिया है। अयोध्या, काशी और प्रयागराज ने भारत के पोटेंशियल को दर्शाया है।
मुख्यमंत्री योगी, सोमवार को महाराष्ट्र से आये ‘युवा उद्यमियों से संवाद’ कर रहे थे। युवा भारत संस्था के तत्वावधान में मुंबई के औद्योगिक घरानों से जुड़े उद्यमी संवाद में शामिल हुए। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने महाकुम्भ पर उंगली उठाने वालों को भी करारा जवाब दिया। बोले कि, महाकुम्भ का विरोध करने वालों से हमारी इकॉनमिक्स बेहतर है। उन्होंने उद्यमियों से पूछा कि अगर केंद्र व राज्य की तरफ से मिलकर 7500 करोड़ रुपये खर्च करके अर्थव्यवस्था में तीन से साढ़े तीन लाख की अतिरिक्त वृद्धि हो सकती है तो कौन सा सौदा सही है। उन्होंने कहा कि अयोध्या, प्रयागराज, काशी, चित्रकूट, गोरखपुर, नैमिषारण्य में बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर है। अयोध्या में सड़क चौड़ीकरण, इंटरनेशनल एयरपोर्ट निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम के दौरान यह लोग विरोध कर रहे थे, लेकिन जब सरकार ने दृढ़ इच्छाशक्ति से निर्णय लिया तो रिजल्ट सामने है। एक वर्ष में रामजन्मभूमि मंदिर में 700 करोड़ का चढ़ावा आया। इन लोगों को अब यह भी बुरा लगेगा।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य यूपी में 25 करोड़ की आबादी निवास करती है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन व नेतृत्व में पिछले 10 वर्ष के अंदर पहली बार देश की आस्था को सम्मान प्राप्त हुआ। उन्होंने भारत के इस पोटेंशियल को पहचाना। उन स्थलों को फिर से मान्यता प्राप्त हुई, जिनके लिए भारत जाना जाता था। 500 वर्ष का इंतजार समाप्त हुआ और रामलला विराजमान हुए। 2016-17 में यूपी में जब भाजपा सरकार नहीं थी, तब यहां श्रद्धालुओं की संख्या महज 2.35 लाख हुआ करती थी, 2024 में यह संख्या बढ़कर लगभग 14-15 करोड़ से अधिक रही। सीएम ने कहा कि अयोध्या के विकास के लिए जो कुछ भी हो रहा है, वह श्रद्धालुओं के सहयोग का परिणाम है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम बनने के पहले काशी में भी श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम थी, आज काफी अधिक हो चुकी है। परसो काशी में स्थानीय लोगों से बात की तो मुझे बताया गया कि काशी में इतनी भीड़ कभी नहीं देखी, जितनी पिछले डेढ़ महीने से देख रहे हैं। 2013 में प्रयागराज कुम्भ में 55 दिन के आयोजन में 12 करोड़ श्रद्धालु आए थे। 2019 में अर्धकुम्भ को हमने कुम्भ के रूप में आयोजित किया, तब लगभग 24 करोड़ श्रद्धालु आए थे। इस बार प्रयागराज महाकुम्भ में 45 दिन के आयोजन में बीते 36 दिन में 53 करोड़ श्रद्धालु आ चुके हैं।
सीएम योगी ने कहा कि कॉरपेट सेक्टर के महत्वपूर्ण केंद्र वाराणसी, भदोही, मीरजापुर को भी हमने डिजाइन, मार्केट से जोड़ा। एक्सपो मार्ट बनाया गया। आज वहां से 8-10 हजार करोड़ के कॉरपेट एक्सपोर्ट होते हैं। फिरोजाबाद का ग्लास पुनर्जीवित हो गया। हर जनपद क्रांतिकारी परिवर्तन से लोगों को आकर्षित कर रहा है। आज वही प्रोडक्ट हर किसी के घर में जा रहा है, लेकिन पहले इस पर ध्यान नहीं दिया गया। हमने नकल तो की, लेकिन अकल नहीं लगाई, जिससे देश-प्रदेश को परिणाम भुगतना पड़ा। आज भारत स्वयं की तकनीक पर विश्वास कर रहा है तो हर भारतीय उससे जुडऩे को तैयार हो रहा है। उस जुड़ाव का लाभ भी भारत को प्राप्त हो रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि यूपी ने पिछले आठ वर्ष के अंदर काफी प्रगति की है। यूपी ने अनेक रिफॉर्म भी किए। यूपी के प्रति बदली धारणा, निवेश प्रस्तावों, सुरक्षा व कानून व्यवस्था की बेहतरीन स्थिति है। पीएम मोदी की अपेक्षा पर खरा उतरने के लिए हर कदम उठाए। प्रदेश निवेश के बेहतरीन डेस्टिनेशन के रूप में उभरे, इसके लिए सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म व लैंड बैंक दिया। हर स्तर पर मॉनीटरिंग के मैकेनिज्म को मजबूत किया। अब हर कोई यूपी में निवेश करना चाहता है। यहां निवेश, पुलिस के आधुनिकीकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर समेत अलग-अलग सेक्टर में काम हुआ है।
सीएम योगी ने कहा कि 57000 ग्राम पंचायतों में हर गांव में पांच से छह रोजगार का सृजन किया। साफ-सफाई से लेकर बैंकिंग, कंप्यूटर ऑपरेटर से लेकर ट्यूबवेल ऑपरेटर तक का कार्य ग्रामीणों को दिया गया। गांव आज आत्मनिर्भर हो रहे हैं। 65-70 फीसदी आबादी अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। शहरीकरण हमारे यहां काफी देर से प्रारंभ हुआ। यूपी के पास देश के काफी महानगर हुआ करते थे, लेकिन समय के अनुरूप माहौल न होने के कारण एक समय ऐसा आया कि जब व्यवस्था ठप सी हो गई, लेकिन आज यूपी के महानगर नई दूरी तय करने के लिए उतावले दिख रहे। अर्बनाइजेशन बढ़ा तो सुविधाएं दोगुनी गति से बढ़ाई गईं। इसके लिए सरकार द्वारा अनेक कदम उठाए गए।
सीएम योगी ने बताया कि प्रयागराज में रेलवे ने 9 स्टेशन का विस्तारीकरण किया। प्रतिदिन पांच से सात लाख यात्री रेल से आ रहे हैं। ईमानदारी व समयबद्ध होकर से कदम बढ़ाते हैं तो रिजल्ट वैसे ही आते हैं। उन्होंने कहा कि यूपी के तीन-चार महानगरों के अंदर आ रहे पर्यटकों की आस्था का सम्मान भारत व भारतीयता का सम्मान है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्यमियों से कहा कि एक बार अयोध्या की भीड़ के बीच से जाकर उत्साह व मस्ती देखें। सरयू जी में डुबकी व रामलला का दर्शन अविस्मरणीय होगा। प्रयागराज में भी हर जगह से श्रद्धालु आ रहा है। संगम में डुबकी लगाकर जन्म-जीवन धन्य हो रहा है। सीएम ने उद्यमियों से अनुरोध किया कि अक्षयवट कॉरिडोर, लेटे हनुमान जी, सरस्वती कूप, शिवालिक पार्क का दर्शन करें और महाकुम्भ के बाद फिर से कार्यक्रम बनाएं। इस दौरान युवा उद्यमी अभिनंदन लोढ़ा आदि मौजूद रहे। सीएम ने उद्यमियों के प्रश्नों का उत्तर भी दिया।