गाजियाबाद (TBC News)। ग्लोबल भार्गव महिला सभा, रजिस्टर्ड की ओर से रविवार को समाज में संवाद और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए एकजुटता बनाए रखने के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘नुपूर की झंकार’ नाम से आयोजित कार्यक्रम में भार्गव समाज के प्रतिष्ठित लोगों ने समाज की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति पर अपनी राय पेश की। जूम के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में महिला सदस्यों ने गीत-संगीत पेश कर इसे और रोचक बना दिया।

अखिल भारतीय भार्गव सभा के अध्यक्ष नरेश भार्गन ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि एकजुटता से ही समाज का उत्थान होता है। समाज के हर परिवार के सुख दुख का साथी बनना होगा, तभी समाज के सभी परिवारों में खुशहाली आएगी। इस मौके पर उपाध्यक्ष दिनेश भार्गव ने कहा कि भार्गव समाज अपनी बौद्धिकता और सामाजिक संपन्नता के कारण जाना जाता है। ऐसे कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। ऐसे कार्यक्रम बीच बीच में होते रहने चाहिए।
कार्यक्रम को प्रधानसचिव एचएन भार्गव और पूर्व अध्यक्ष एसएन भार्गव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम को जूम पर प्रतीक भार्गव ने कोर्डिनेट किया।

कार्यक्रम में कुल 59 प्रतिभागियों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने अलग-अलत तरह के गीत-संगीत से सजे कार्यक्रम पेश किए। तीन जजों की समिति ने विजेताओं का चयन किया। इस समिति में सभी तीन जजों को भार्गव समाज से अलग चयन किया गया। इनमें डॉ. नेहा विश्वकर्मा, डॉ. गुंजन जोशी और तरुणा सिंह शामिल थीं।

जजों की समिति ने प्रदर्शन के आधार पर विजेताओं का चयन किया। प्रतियोगिता को उम्र के तहत चार ग्रुपों में बांटा गया था। 66 वर्ष से अधिक उम्र में मेरठ की गायत्री प्रथम, बिकानेर की अरुणा द्वितीय और कानपुर की मधु तृतीय स्थान पर रहीं। जबकि दिल्ली की निरुपमा को सान्त्वना पुरस्कार दिया गया। इसी प्रकार 51 से 65 वर्ष आयु वर्ग में आगरा की प्रीती को प्रथम, जयपुर की रूचि को द्वितीय, आगरा की अलका को तृतीय और कानपुर की रेनू, जोधपुर की अमिता और जयपुर की संगीता को सांन्त्वना पुरस्कार दिया गया।

36 वर्ष से 50 वर्ष आयुवर्ग में सिरोंज की रितू को प्रथम, ठाने की तनु, जयपुर की अनुप्रीती, अजमेर की पारूल को संयुक्त रूप से द्वितीय और कानपुर की अंजना को तृतीय पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा लखनऊ की पुष्पा, लखनऊ की पूजा, जयपुर की प्रीति, सिरोंज की सीता और लखनऊ की मयूरी को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।

18 से 35 वर्ष के आयु वर्ग में भोपाल की नीलू को प्रथम पुरस्कार दिया गया। उज्जैन की रिशाने को द्वितीय और कानपुर की पूजा को तृतीय पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा भोपाल की सौम्या, दिल्ली की दर्शिता, मुंबई की आस्था, ग्वालियर की दीक्षा, मथुरा की राधिका, अलवर की वंशिका, सिरोंज की मुस्कान और मथुरा की प्राची को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
प्रथम पुरस्कार के रूप में 5 हजार रुपए नगद और सर्टिफिकेट दिए गए। द्वितीय पुरस्कार के रूप में 31 सौ रुपए और तृतीय पुरस्कार के रूप में 21 सौ रुपए का नगद इनाम और सर्टिफिकेट दिए गए। इसके अलावा 20 प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार के रूप में 500 रुपए का इनाम दिया गया।
पहले ग्रुप के पुरस्कार को उत्तरा भार्गव ने प्रायोजित किया। दूसरे ग्रुप के पुरस्कारों को रश्मि भार्गव, तीसरे ग्रुप के पुरस्कारों को उर्मिला भार्गव और चौथे ग्रुप के पुरस्कारों को शोभा भार्गव ने प्रायोजित किया। अन्य प्रायोजकों में दिल्ली की मिथिलेश, दिल्ली की प्रतिमा और गोपालपुरा, जयपुर की शोभा शामिल थीं।
इस मौके पर सचिव जोधपुर के प्रमोद भार्गव ने सभी प्रायोजकों और आयोजकों का आभार जताया। कार्यक्रम की मुख्य संयोजिका डॉ. विजय लक्ष्मी भार्गव और डॉ. रेनू भार्गव थी। सुमन भार्गव ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। कार्यक्रम में आरएचएएम के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. धीरज कुमार भार्गव और कोषाध्यक्ष मनीषा भार्गव भी शामिल हुए।