गाजियाबाद। हमेशा कुछ अलग करने की सोच रखने वाले गाजियाबाद के नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ ने फिर एक अलग तरीके का काम किया है। उन्होंने खराब पड़ी वस्तुओं से एक पार्क को नया रूप दिया है। वेस्ट से बेस्ट बनाने की अनूठी मुहिम के तहत पार्क का सौंदर्यीकरण किया गया है।
सिटी जोन स्थित कंपनी बाग के वेस्ट टू वंडर पार्क की चर्चा हर जगह हो रही है। पार्क को खराब यानि ऐसी वस्तुएं जो किसी काम का नहीं है, से सुसज्जित किया गया है या यूं कहें ऐसी वस्तुएं जो कि कचरा है उनका इस्तेमाल करते हुए पार्क को सुंदर बनाया गया है। इसे वेस्ट टू वंडर पार्क का नाम दिया है। वेस्ट टू वंडर पार्क सभी का मन मोह रहा है। इस पार्क की चर्चा शहर ही नहीं पूरे प्रदेश में हो रही है।
नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि शीघ्र ही इसको शहर वासियों को सौंपा जाएगा। इसका उद्घाटन आगामी सप्ताह में किया जाएगा। अन्य पार्कों को भी इसी तर्ज पर व्यवस्थित करने की योजना बनाई जा रही है।
खराब पड़ी वस्तुओं से ना केवल पार्कों को सुसज्जित किया जा रहा है बल्कि ऐसा कचरा जो पुन इस्तेमाल में लिया जा सकता है, उसका भी उपयोग किया गया। शहर के चौराहों पर भी वेस्ट से बेस्ट की मुहिम के अंतर्गत सुंदर बनाने का काम किया जा रहा है। इसके लिए एनजीओ का भी योगदान लिया जाएगा’
उन्होंने कहा कि मेयर सुनीता दयाल लगातार कचरा निस्तारण का निरीक्षण कर रही है। ट्रिपल आर पर कार्य तेजी से किया जा रहा है। शहर के प्रत्येक पांचों जोनों में पार्कों को इसी तर्ज पर सुसज्जित किया जाएगा। सिटी जोन के बाद वसुंधरा जोन में एक पार्क को चिन्हित कर कार्य शुरू होगा।
पुराने टायर से बना है पार्क
इस पार्क में यहां उन वस्तुओं को प्रयोग में लाया जा रहा है, जो कचरा समझकर घरों से फेंक दी जाती हैं। पुराने टायर, बोतलें, खराब सीडी, लोहे या स्टील कटिंग की वस्तुओं से ये पार्क बनाया गया है। बैठने के लिए चेयर, सेल्फी पॉइंट, सफाई मित्र का स्टैच्यू सहित कई आकर्षक चीजें बनाई गई हैं।
स्वच्छता सर्वेक्षण में इस पार्क पर हैं 100 नंबर
बता दें कि स्वच्छता सर्वेक्षण-2023 में वेस्ट टू वंडर पार्क के लिए 100 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसी कड़ी में नगर निगम ने ये प्रयास किया है, ताकि उन्हें इस पार्क पर पूरे नंबर मिल सकें। महापौर सुनीता दयाल ने बताया, स्वच्छता सर्वेक्षण में शहरवासियों का सहयोग लगातार प्राप्त हो रहा है। आकर्षण के ऐसे कई और केंद्र शहर के अंदर बनाए जा रहे हैं।