गाजियाबाद (TBC News)। साल 2021 के अप्रैल-मई का महीना था। पूरा देश कोरोना के दूसरे चरण की चपेट में था। रोज हजारों की संख्या में मौतें हो रही थी। श्मशान और कब्रगाहों में दाह संस्कार के लिए जगह नहीं मिल रही थी। ज्यादातर मौतें सांस फूलने से हो रही थी। oxygen सिलेंडर नहीं मिलने के कारण कोरोना पीड़ित आंखों के सामने मर रहे थे। देश के दूसरे शहरों के मुकाबले गाजियाबाद भी अलग नहीं था। यहां भी रोज सैंकड़ों की संख्या में लोग कोरोना से मर रहे थे। चारों तरफ oxygen सिलेंडर पाने के लिए हाहाकार मचा था। मंत्री से लेकर संतरी तक सभी oxygen सिलेंडर और कंसंट्रेटर्स हासिल करने में जुगाड़ में जुटे हुए थे। वीवीआईपी लोगों तक को सिलेंडर और कंसंट्रेटर्स नसीब नहीं हो रहा था।
ऐसी स्थिति में गाजियाबाद और उसके आसपास के लोगों के लिए मददगार बनकर सामने आया आरएचएएम यानि रहम oxygen बैंक।

रहम फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. धीरज भार्गव कहते हैं, ‘भारत में इससे पहले कोरोना जैसी महामारी पहले कभी नहीं आई थी। प्लेग और चेचक जैसी बीमारियां काफी फैली थी। जिस कारण सरकार को या आम लोगों को जीवन को बचाने के लिए oxygen और कंसंट्रेटर्स के महत्व के बारे में ज्यादा गंभीरता नहीं थी। कोरोना ने इस गंभीरता से समझा दिया है। अपनी आंखों के सामने सगे संबंधियों को मरते हुए देखना, हमारी लापरवाही थी।’
डॉ. धीरज भार्गव ने बताया कि मरते हुए लोगों की त्रासदी को देखकर रहम फाउंडेशन के तहत oxygen सिलेंडर और कंसंट्रेटर्स एकत्र करने का काम शुरू किया गया। सभी सदस्यों के अथक प्रयास के बाद दो तीन दिनों के भीतर पर्याप्त संख्या में oxygen सिलेंडर की व्यवस्था कर ली गई।

जरूरतमंदों तक सिलेंडर पहुंचाने के लिए हेल्पलाइन जारी की गई। रोज सैंकड़ों की संख्या में oxygen सिलेंडर और कान्संट्रेटर्स की डिमांड आने लगी। लोगों तक सिलेंडर पहुंचाया जाने लगा।
उस दौरान रहम के कार्यकर्ताओं ने साहिबाबाद के अलावा गाजियाबाद, नोएडा, हापुड़, पिलखुआ तक सिलेंडर भेजने में जुटे रहे। धीरे-धीरे रहम बैंक में पर्याप्त संख्या में आॅक्सीजन सिलेंडर और कांसेंट्रेटर्स उपलब्ध हो गए।
डॉ. धीरज भार्गव ने बताया कि फिलहाल रहम oxygen बैंक के पास काफी संख्या में आॅक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है। ईश्वर ना करें कि फिर से कोरोना की लहर आए लेकिन अगर ऐसी स्थिति आती है तो आॅक्सीजन की कमी से लोगों की मौतों पर विराम लग जाएगा।
उन्होेंने कहा कि कोरोना की समाप्ति के बाद भी कई लोगों को कंसंट्रेटर्स दिए गए हैं। कई लोगों को नियमित रूप से कंसंट्रेटर दिए जा रहे हैं। रहम फाउंडेशन की ओर से निशुल्क कंसंट्रेटर दिए गए।