मुख्य अतिथि रो. रवि बाली ने रक्तदान कर लोगों को किया प्रेरित
गाजियाबाद। रोटरी हेल्थ अवॉयरनेस मिशन (आरएचएएम) फाउंडेशन ने डिस्ट्रिक्ट आरएचएएम, रोटरी क्लब आॅफ इंदिरापुरम गैलोर और रोटरी क्लब आॅफ गाजियाबाद सैफ्रोन के सहयोग से कौशांबी स्थित कमल हॉस्पिटल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया। कमल हॉस्पिटल के डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ की देखरेख में रक्त एकत्र किया गया। मुख्य अतिथि रोटेरियन रवि बाली ने शिविर का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि रवि बाली ने खुद रक्तदान कर लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया। दोपहर दो बजे तक चले शिविर में कई दर्जन यूनिट रक्त एकत्र किया गया।
उन्होंने कहा कि समय पर रक्त नहीं मिलने से हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को अगर समय पर रक्त मिल जाता है तो काफी लोगों की जान बचाई जा सकती है। रक्त दान के लिए रोटरी क्लब की अपनी एक अलग पहचान है। प्रत्येक दिन रोटरी क्लब के माध्यम से देशभर में लाखों लोग रक्तदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि रक्तदान को लेकर गलतफहमी फैलाई जाती है। रक्तदान करने से दो लोगों को फायदा होता है। रक्तदान करने करने वाले को और रक्त लेने वाले को। रक्तदान से ब्लड पतला होता है जिससे दिल की सेहत में सुधार होता है।
उन्होंने कहा कि कई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि रक्तदान करने से कैंसर और दूसरी बीमारियों का जोखिम कम होता है। इससे बॉडी से टॉक्सिन बाहर निकलते हैं। इससे डोनर का बोनमैरो नए रेड सेल्स बनाता है।
आरएचएएम के फांउडर अध्यक्ष रोटेरियन डॉ. धीरज भार्गव ने कहा विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में सालाना एक करोड़ यूनिट रक्त की जरूरत पड़ती है लेकिन उसकी उपलब्ध सिर्फ 75 लाख यूनिट है। 25 लाख यूनिट ब्लड की कमी से हर साल सैंकड़ों लोग जान देते हैं। रक्तदान करके ना सिर्फ किसी दूसरे की जान बचाई जा सकती है बल्कि अपनी हेल्थ में भी सुधार किया जा सकता है। सकते हैं। 24 से 72 घंटे में ब्लड का वॉल्यूम पूरा बन जाता है। शिविर के आयोजन में रोटरी क्लब आॅफ कौशांबी, त्रिवेणी फाउंडेशन, रोटरी क्लब आॅफ गाजियाबाद सेंट्रल और रोटरी क्लब आॅफ दिल्ली ईस्ट एंड का सहयोग रहा। इस मौके पर आरएचएएम के संस्थापक अध्यक्ष रोटेरियन डॉ. धीरज भार्गव, सचिव रोटेरियन दयानंद शर्मा, रोटरी क्लब आॅफ कौशांबी की अध्यक्ष रोटेरियन सुनीता मेहता, त्रिवेणी मेमोरियल फाउंडेशन की संस्थापक अध्यक्ष भूमिका बख्शी भटट, डॉ. प्रीति नंदी, डॉ. टीएस अरोड़ा, विक्रम कुमार समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।