दिल्ली पब्लिक स्कूल गाजियाबाद, मेरठ रोड में आज 29 नवम्बर 2025 एक ऐतिहासिक क्षण चिह्नित किया, जब विद्यालय के नवनिर्मित वरिष्ठ सभागार रंगमंडप का भव्य उद्घाटन किया गया। – कला, नवाचार, नागरिकता, क्लब और सोसायटी में छात्र- प्रतिभा का उत्सव, रंगमंडप का अनावरण विद्यालय के रचनात्मक और समग्र शिक्षण आयामों को दृढ़ता देने का एक श्रेष्ठ प्रयास है। यह अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित सभागार विद्यालय की कला और संस्कृति के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उद्घाटन समारोह के अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या सुश्री प्रीति वासन, डीपीएसजी सोसाइटी की ओर से अध्यक्ष श्री ओम पाठक, सुश्री निहारिका पाठक और उपाध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष श्री अंशुल पाठक भी उपस्थित थे, जिनका दूरदर्शी नेतृत्व और समग्र भविष्य के लिए तैयार शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता, डीपीएसजी समुदाय को सक्रिय और मजबूत करती रही है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री रवींद्र कुमार मंदार (आईएएस, जिला मजिस्ट्रेट) गाजियाबाद का स्वागत करते हुए सम्मानित किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में, आत्मविश्वासी, रचनात्मक और जिम्मेदार शिक्षार्थियों के पोषण पर डीपीएसजी मेरठ रोड के मार्गदर्शन की सराहना की। उन्होंने एक गतिशील मंच प्रदान करने के लिए उड़ान की भी प्रशंसा की जो छात्रों को जिज्ञासा और ईमानदारी के साथ अन्वेषण, नवाचार और खुद को अभिव्यक्त करने का अधिकार देता है। उनके साथ संयुक्त निदेशक सुश्री कविता मीना भी थीं, जिनकी गरिमामय उपस्थिति ने उत्सव में जीवंतता जोड़ दी। डीपीएसजी मेरठ रोड को सम्मानित अतिथियों – श्री नंद किशोर कलाल, आईएएस, उपाध्यक्ष (जीडीए) और श्री मानस वत्स, के अतिरिक्त सिविल न्यायिक मजिस्ट्रेट – का आतिथ्य करने का सौभाग्य भी मिला।
शास्त्रीय संगीत जगत की प्रख्यात हस्तियाँ-पं. दो प्रसिद्ध संगीत संस्थानों के संस्थापक हरिदत्त शर्मा और सुश्री तारा गुप्ता, प्रशंसित ध्रुपद गायक डॉ. सुमित आनंद पांडे भी उपस्थित रहे। दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम का आरंभ किया गया।
विद्यालय के अध्यक्ष श्री ओम पाठक ने अपने प्रेरक संबोधन में शैक्षिक दर्शन पर विचार किया जो डीपीएसजी के दृष्टिकोण को स्पष्टता देता है। उन्होंने यह भी बताया कि रंगमंडप की कल्पना एक ऐसे स्थान के रूप में की गई थी जहां कल्पना, संवाद और रचनात्मकता स्वतंत्र रूप से पुष्पित और पल्लवित होगी। उन्होंने बाल-केंद्रित, अनुभवात्मक शिक्षा के प्रति सोसायटी की प्रतिबद्धता की पुष्टि की और छात्रों को जिज्ञासा, मौलिकता और आत्म-अभिव्यक्ति को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या सुश्री प्रीति वासन ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह रंगमंडप केवल एक भौतिक संरचना नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने और उनके व्यक्तित्व के विकास का एक सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कला और संस्कृति शिक्षा के अभिन्न अंग हैं और यह सभागार विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता व्यक्त करने का उत्कृष्ट मंच प्रदान करेगा।
इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्होंने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया।
परंपरागत वेशभूषा पर आधारित एक फैशन शो भी आयोजित किया गया, जिसमें भारत के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक पोशाकों को प्रदर्शित किया गया। यह प्रस्तुति भारतीय सांस्कृतिक विविधता और एकता का सुंदर उदाहरण थी।
विद्यार्थी इस नए सभागार को लेकर अत्यंत उत्साहित दिखाई दिए। उन्होंने व्यक्त किया कि यह मंच उन्हें अपनी कला और प्रतिभा को निखारने का अद्भुत अवसर प्रदान करेगा।