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उत्तर प्रदेश

“वफ्फ़ सुधार जनजागरण अभियान” को लेकर संगोष्ठी का आयोजन

गाजियाबाद। भारतीय जनता पार्टी, महानगर गाजियाबाद के तत्वावधान में “वफ्फ़ सुधार जनजागरण अभियान” के अंतर्गत एक अल्पसंख्यक प्रबुद्ध संवाद संगोष्ठी का आयोजन जानकी भवन, रामलीला मैदान, कविनगर में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मयंक गोयल (महानगर अध्यक्ष, भाजपा) ने की, जबकि राष्ट्रीय प्रवक्ता भाजपा शाजिया इल्मी  ने मुख्य वक्ता के रूप में संगोष्ठी को संबोधित किया।

भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने वक्फ़ सुधार जनजागरण संगोष्ठी में बोलते हुए कहा कि वक्फ़ संपत्तियों का दुरुपयोग और उन पर भ्रष्टाचार एक गहरा षड्यंत्र रहा है, जिसमें दशकों से कांग्रेस, सपा और बसपा जैसी पार्टियाँ शामिल रही हैं। उन्होंने कहा कि इन दलों ने मुस्लिम समाज को केवल वोट बैंक समझा, उन्हें विकास और अधिकारों से दूर रखकर वक्फ़ संपत्तियों को लूट का अड्डा बना दिया। वोट, नोट और खोट की इस तिकड़ी ने वक्फ़ बोर्ड को अपने खास लोगों के हवाले कर दिया, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही समाप्त हो गई। देशभर में वक्फ़ संपत्तियों की भारी संख्या है, लेकिन उनका उचित उपयोग नहीं हो पा रहा। कहीं न कहीं इन संपत्तियों का गलत हाथों में जाना और पारदर्शिता की कमी, अल्पसंख्यक समाज को ही नुकसान पहुंचा रही है। भाजपा सरकार इन मुद्दों को नजरअंदाज नहीं करेगी। हमारा लक्ष्य है कि वक्फ़ संपत्तियाँ उनके असली हक़दारों तक पहुंचें और उनका उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य व सामाजिक कल्याण में हो।

भाजपा इस राजनीतिक धोखे को उजागर करने का काम कर रही है। हम चाहते हैं कि वक्फ़ संपत्तियाँ मुस्लिम समाज के वास्तविक कल्याण – जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार – में लगें, न कि राजनीतिक हितों की पूर्ति में। मुस्लिम युवाओं को चाहिए कि वे इस सच्चाई को समझें और इस अभियान से जुड़कर बदलाव लाने में योगदान दें।

कुंवर वाहिद अली (अल्पसंख्यक मोर्चा, प्रदेश अध्यक्ष) ने कांग्रेस, सपा और बसपा पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि वक्फ़ संपत्तियों पर सबसे ज़्यादा कब्ज़ा और भ्रष्टाचार उन्हीं दलों के समय में हुआ जिन्होंने अल्पसंख्यकों के नाम पर केवल वोटबैंक की राजनीति की। कांग्रेस, सपा और बसपा ने वक्फ़ बोर्ड को अपने नेताओं और चहेतों का अड्डा बना दिया। इन दलों ने कभी नहीं चाहा कि वक्फ़ संपत्तियाँ अल्पसंख्यक समुदाय के शिक्षा और कल्याण में लगें। अब जब भाजपा इस मुद्दे को मजबूती से उठा रही है, तो इन दलों की बेचैनी स्वाभाविक है। भाजपा ही एकमात्र पार्टी है जो सच्चे अर्थों में अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करना चाहती है और वक्फ़ संपत्तियों की लूट को रोककर उन्हें उनके असली उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करना चाहती है।

महानगर अध्यक्ष  मयंक गोयल ने कहा कि यह संगोष्ठी भाजपा की पारदर्शी कार्यप्रणाली और समाज के प्रति उत्तरदायित्व को दर्शाती है। हम चाहते हैं कि वफ्फ़ बोर्ड भ्रष्टाचारमुक्त हो और उसकी संपत्तियाँ उन लोगों के कल्याण में लगें जिनके लिए वे आरक्षित हैं। यह अभियान गाजियाबाद से एक सकारात्मक संदेश देगा।

इस अवसर पर बलदेव राज शर्मा, पूर्व विधायक कृष्ण वीर सिरोही, पूर्व महापौर आशा शर्मा, सरदार एस.पी. सिंह (अल्पसंख्यक आयोग सदस्य), डॉ. अशोक नागर, हाजी जी, जावेद खान, जावेद खान सैफ, रीना भाटी, सरदार बलप्रीत सिंह, सुशील गौतम, बॉबी त्यागी, पूनम कौशिक, ऋचा भदौरिया, प्रदीप चौधरी (महानगर मीडिया प्रभारी), ललित कश्यप (कार्यक्रम संयोजक), तथा सह संयोजक डॉ. नदीम अहमद, अमित रंजन, सूचित त्यागी सहित अनेक वरिष्ठ नेता एवं समाज के प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे।

 

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