महाकुम्भनगर। सनातन संस्कृति के महापर्व महाकुम्भ-2025 के अंतर्गत तिरुपति क्रॉनिकल समाचार पत्र के संपादक व आरएचएएम फाउंडेशन के संस्थापक डॉ धीरज भार्गव और उनकी पत्नी मनीषा भार्गव ने आस्था, भक्ति व अध्यात्म के संगम में पुण्य स्नान किया। त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर उन्होंने मानवकल्याण और सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। इस दौरान डॉ धीरज भार्गव ने कहा कि महाकुम्भ केवल आस्था का संगम नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की जीवंत धरोहर है। यह आयोजन भारत की आध्यात्मिक शक्ति और सांस्कृतिक विरासत का भव्य प्रतीक है, जिसे आज पूरा विश्व देख रहा है और गौरव की अनुभूति कर रहा है।

उन्होंने इस दिव्य आयोजन को ऐतिहासिक और दुर्लभ आध्यात्मिक अवसर बताया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस आयोजन की भव्यता की सराहना करते हुए कहा कि महाकुम्भ 2025 सनातन धर्म की दिव्यता और गौरवशाली परंपराओं का प्रतीक बनेगा। डॉ धीरज भार्गव ने कहा कि भारतीय और सनातनी होने के नाते यहां आना हमारे लिए सौभाग्य की बात है।
इस दौरान मनीषा भार्गव ने कहा कि ने कहा की महाकुम्भ में व्यवस्था बहुत अच्छी रही है। 144 साल में यह अवसर आया है। पीएम मोदी और सीएम योगी ने इस आयोजन को भव्य और दिव्य बनाने के लिए काफी मेहनत की है। मुझे नहीं लगता कि इतना बड़ा आयोजन इतनी सारी व्यवस्थाओं के साथ पूरे विश्व में कहीं भी हो पाएगा। पूरी दुनिया में लोग जानते हैं कि भारत जैसी आस्था किसी और देश में नहीं। महाकुंभ के माध्यम से आज पूरी दुनिया इसका अनुभव कर रही है। मनीषा भार्गव ने कहा कि महाकुंभ केवल एक मेला नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था का महान संगम है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन की दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा पूरे देश को जोड़ने का कार्य करती है।